
सूरत (योगेश मिश्रा) शहर की सत्र न्यायालय द्वारा 4 करोड़ रुपये से अधिक के हीरा धोखाधड़ी मामले में वेड के भरत मणि की अग्रिम जमानत खारिज किए जाने के बाद डीसीबी पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है। इस मामले का विवरण यह है कि सूरत डीसीबी पुलिस स्टेशन में 4.7 करोड़ से ज़्यादा के हीरा धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। यह धोखाधड़ी व्यापारियों को हीरे का सामान दिखाकर, शिकायतकर्ता से सामान लेकर, उसे वापस न करके की गई थी। इस मामले में अंकिता पार्क सोसाइटी निवासी भरत मोहन मनिया का नाम शामिल है। अक्षरवाड़ी (सूरत) का मामला भी प्रकाश में आया। आरोपी भरत ने पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। मुख्य लोक अभियोजक नयन सुखदवाला और मूल शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता पार्थ काकड़ी और चंद्रेश पिपलिया ने जमानत याचिका का विरोध किया और तर्क दिया कि आरोपी ने जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया है। आरोपी का पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है और वह एक अन्य अपराध में भी शामिल था। अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करते हुए अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत रद्द कर दी।



