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सूरत शहर के पांडेसरा जीआईडीसी में औद्योगिक सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

उद्योगपतियों ने माँगी राहत – दुर्घटना की स्थिति में फैक्ट्री मालिक की सीधी गिरफ्तारी अनुचित, कानून में संशोधन की आवश्यकता पर दिया जोर

सूरत (योगेश मिश्रा) शहर के पांडेसरा जीआईडीसी में औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (DISH), सूरत द्वारा 24 सितंबर 2025 को पांडेसरा औद्योगिक संघ संचालित CETP सम्मेलन हॉल में पांडेसरा GIDCके सदस्यों के साथ औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पांडेसरा औद्योगिक संघ की ओर से बृजेश चौहान, उप निदेशक के.ए. रावत, सहायक निदेशक जे.एन. वसावा और जीआईडीसी कमलविजय तुलस्यान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पांडेसरा GIDC के 250 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सुरक्षा को लेकर बृजेश चौहान (उप निदेशक) और कलरटेक्स ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ की ओर से विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक के दौरान अध्यक्ष कमलविजय तुलस्यान की अगुवाई में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कहा गया कि यदि उद्योगों में कोई दुर्घटना होती है, तो फैक्ट्री मालिकों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत सीधे गिरफ्तार कर जेल भेजना उद्योग जगत के लिए अनुचित और मानवाधिकारों के विरुद्ध है । उद्योगपतियों ने स्पष्ट किया कि कारखाना अधिनियम 1948 के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार केवल संबंधित अधिकारी के पास होना चाहिए। साथ ही, मालिक को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीधी गिरफ्तारी से फैक्ट्री बंद हो सकती है, जिससे लगभग 500 श्रमिकों का रोजगार खतरे में पड़ सकता है और उनके परिवारों को आर्थिक व मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ सकता है। उद्योगपतियों ने भारत सरकार और गुजरात सरकार से आग्रह किया कि इस संबंध में कानून में आवश्यक संशोधन किया जाए और अधिकारियों को स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान किया जाए, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उद्योग और श्रमिकों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके।

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