
सूरत (योगेश मिश्रा) शहर में पांडेसरा के गणेशनगर में फर्जी प्रैक्टिस कर रहे निलिमा क्लीनिक का बोगस डॉक्टर के खिलाफ गुजरात मेडिकल प्रैक्टिशनर अधिनियम के अनुसार कानूनी कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद ने मांग की है। नीलिमा क्लिनीक के नाम से क्लिनिक चला रहा है। यह डाक्टर बिना किसी डिग्री के अपने पास एलोपैथिक दवाइयाँ रखकर बीमार मरीजों का इलाज करता है और लापरवाही बरतता है । जिससे मानव जीवन और शारीरिक सुरक्षा को खतरा होने की संभावना बनी रहती है । जिसको लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद ने कहा कि फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता-2023 की धारा 125 और गुजरात मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज कर ऐसे बोगस डॉक्टरों की तत्काल जाँच होनी चाहिए। आपको बताते चले की हाल ही में सूरत पुलिस के द्वारा सैकड़ो डॉक्टर पर मुकदमा पंजीकृत हो गया था जिससे बोगस डॉक्टर में गिरावट दर्ज की गई थी । 6 महीने से अधिक हो जाने के बाद फिर यह बोगस डॉक्टर बरसाती मेंढक के तरीके उपज रहे हैं । जिस पर लगाम लगाना सख्त आवश्यक है । इन डॉक्टरों के द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य व जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते कभी भी देखा जा सकता है । इन डॉक्टरों के द्वारा आए दिन मरीजों को ग्लूकोस, इंजेक्शन व अंग्रेजी दवाएं देते हुए कभी भी देखा व पकड़ा जा सकता है ।



