
सूरत (योगेश मिश्रा) शहर के वराछा थाने में 2015 में दर्ज 15 लाख रुपये की घर में चोरी के मामले में पिछले 10 सालों से वांछित आरोपी को वलसाड से गिरफ्तार कर लिया गया है। चोरी करने के बाद, वह वलसाड जिले के भिलाड में मोबाइल फोन की दुकान चला रहा था। आरोपी ने 2015 में अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी मंसाराम उर्फ बंसीराम गोदाजी प्रजापति (उम्र 37) को वलसाड के भिलाड थ्री रोड के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी भिलाड स्थित सयोगी बिल्डिंग में रहता था और मूल रूप से राजस्थान के जालौर जिले का निवासी है। यह अपराध वर्ष 2015 में किया गया था। 6 अक्टूबर 2015 की रात को आरोपी मंसाराम और उसके साथी सुरेश प्रजापति, प्रभुराम प्रजापति, धोलारा बिस्नोई और दिनेश बिस्नोई ने मिलकर सूरत के वराछा रोड स्थित राजहंस हाउस के कार्यालय से चोरी की थी।
पुलिस ने अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
चोरों ने ऑफिस का लोहे का दरवाजा और ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। फिर गैस कटर से केबिन का दरवाजा तोड़कर अंदर से 45,000 रुपये कीमत का एक आईफोन-6 और 15,11,500 रुपये की नकदी चुरा ली। कुल 15,56,500 रुपये चुराकर वे फरार हो गए। सूरत सिटी क्राइम ब्रांच ने इस अपराध में दो आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया था। अपराध तो सुलझ गया, लेकिन आरोपी मंसाराम प्रजापति पिछले 10 साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
एक आरोपी को 10 साल बाद पकड़ा गया।
पुलिस को एक निजी मुखबिर के ज़रिए सूचना मिली कि आरोपी मंसाराम वलसाड जिले में कहीं मोबाइल फ़ोन की दुकान चला रहा है। इस सूचना के आधार पर, क्राइम ब्रांच की टीम ने पिछले चार महीनों से जाँच की। आखिरकार पता चला कि आरोपी भिलाड में मोबाइल फ़ोन की दुकान चला रहा था। तुरंत एक टीम भेजी गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है और उसे वराछा थाने को सौंपने की योजना बना रही है।



