
सूरत (योगेश मिश्रा) शहर में कपड़ा व्यापारी निस्वार्थ भाव से मार्केट में रहकर व्यापार करते हैं लेकिन कुछ बाहर की पार्टियां व्यापारियों के पैसे को डकार कर बैठे हुए । जिससे कपड़ा व्यापारियों के करोड़ों रुपए मार्केट में फंसा हुआ है । दूसरी ओर कपड़ा मार्केट में कुछ संस्थाएं कपड़ा व्यापारियों को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं । इनके द्वारा कभी 700 करोड रुपए व्यापारियों के फंसे हुए दिलाने का बयान दिया जाता है वीडियो वायरल होता है तो कभी 250 करोड़ । जब मीडिया इस पर सवाल करती है तो इन संस्था के द्वारा अपना बयान बदलकर उसे अब 90 करोड रुपए दिलाने का बयान मीडिया में दिया जा रहा है । इससे या स्पष्ट होता है कि इन संस्था के लोगों को अभी तक यह भी नहीं पता है की मार्केट में किन व्यापारियों का कितना पैसा डूबा हुआ है । हाल ही में एक संस्था आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन के द्वारा अपने कार्य की समीक्षा हाल ही में अग्रसेन भवन में करके व्यापारियों के समक्ष अपना पक्ष रखकर अपने द्वारा किए गए कार्यों को लाइव और स्पष्ट किया था । कुछ संस्था अपनी गलतियों को छुपाने के लिए दूसरी संस्थाओं के ऊपर आरोप प्रत्यारोप लगाकर छवि को धूमिल करने का कार्य किया जा रहा है । जबकि सत्यता यह है कि उन संस्थाओं के द्वारा अपने बयान पर ही उन सभी को भरोसा नहीं रह गया है । कपड़ा व्यापारी संस्थाओं व संगठनों से इसलिए जुड़ती है कि उनके सुख-दुख व उनके साथ हो रही धोखा धड़ी में इन संस्थाओं के द्वारा उसे पर लगाम लगाया जा सके । लेकिन कुछ संस्थाओं के द्वारा अपना सारा विकास कार्य मीडिया के माध्यम से फेसबुक इंस्टाग्राम यूट्यूब के माध्यम से लोगों को भ्रमित करने का कार्य किया जा रहा है । जिससे कपड़ा व्यापारी भ्रमित रहती हैं कि आखिर इन संस्थाओं के द्वारा व्यापारियों के हित के लिए आखिर अब तक क्या कार्य किया है ।



