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क्राइम ब्रांच ने सस्ते सोने की स्कीम के जरिए लोगों से 99 लाख रुपए ठगने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार

 तीन साल से फरार आरोपी वृशील वोहेरा गिरफ्तार, साली-जीजा के गिरोह ने कई लोगों को बनाया शिकार

सूरत (योगेश मिश्रा) शहर में दिवाली से पहले, क्राइम ब्रांच शहर में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान चला रही है, जिसके तहत क्राइम ब्रांच ने पिछले तीन सालों से फरार चल रहे एक हाई-प्रोफाइल आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी ने अपने साथियों (बहन-बहनोई) के साथ मिलकर सोने में निवेश का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी की थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी, जिसमें विश्वास बनाकर बड़ी रकम ऐंठी गई थी। खुद को सोना व्यापारी बताकर पीड़ितों का विश्वास जीतने की कोशिश करने वाले आरोपी वृशील चिनुभाई वोहेरा को सूरत क्राइम ब्रांच ने डीसीबी थाने में दर्ज 99 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी पाल, अठवालाइंस और अडाजण समेत सूरत के पॉश इलाकों में रहता था और मूल रूप से थराद का रहने वाला है। गिरोह की कार्यप्रणाली एक खास पैटर्न पर आधारित थी। वृशिल वोहरा और उसके साथी, जिनमें उसकी बहन परी चिनुभाई वोहरा और बहनोई संजय भीमजीभाई सोनी शामिल थे, खुद को बड़े सोने के व्यापारी बताते थे। सबसे पहले, वे शिकायतकर्ता से दोस्ती करते और उसका विश्वास जीतने के लिए उसके साथ व्यापारिक संबंध बनाते। वे शिकायतकर्ता को बाजार मूल्य से 30 प्रतिशत कम कीमत पर सोना दिलाने की योजना बनाते थे। लोगों को योजना में शामिल करने के लिए शुरुआत में मुनाफा कमाना शुरुआत में, वे शिकायतकर्ता को कम कीमत पर कुछ सोना देकर उसका विश्वास और भरोसा जीतते थे। इस “पहले लाभ” को देखकर, शिकायतकर्ता को लगता था कि यह योजना सही है। जब विश्वास पूरी तरह से स्थापित हो जाता, तो वे शिकायतकर्ता से एकमुश्त बड़ी रकम निवेश करवा लेते। रकम मिलने के बाद, आरोपी शिकायतकर्ता को कोई लाभ या मूलधन नहीं देते थे। अगर शिकायतकर्ता पैसे वापस मांगता, तो वे उसे किसी अन्य मामले में फंसाने की धमकी देकर आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी कर रहे थे।

नकली नोटों के साथ मुख्य तस्कर पकड़ा गया

पुलिस जाँच में पता चला है कि इस अपराध में शामिल मुख्य आरोपी संजय भीमजीभाई सोनी को हाल ही में पालनपुर एलसीबी ने डीसा से लाखों रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़ा था। इन परिस्थितियों से पता चलता है कि इस गिरोह की आपराधिक गतिविधियाँ केवल सोने की धोखाधड़ी तक ही सीमित नहीं थीं, बल्कि नकली नोटों के कारोबार में भी शामिल थीं। पुलिस की जाँच में यह भी पता चला है कि यह गिरोह गुजरात में कई लोगों को सस्ते सोने का लालच देकर और निवेश करवाकर ठगी कर चुका है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, कई लोग इस गिरोह के शिकार हो चुके हैं और आगे की जाँच जारी है। आरोपी फिलहाल रिमांड पर है और उससे कई वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। वृशिल वोहेरा पिछले तीन सालों से वांछित था और अदालत ने उसके खिलाफ सीआरपीसी 70 के तहत वारंट जारी किया था। क्राइम ब्रांच ने उसे तुरंत अदालत में पेश किया और 13 अक्टूबर 2025 तक पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल कर ली। आरोपी से अभी और पूछताछ जारी है, ताकि गुजरात राज्य में इस गिरोह द्वारा किए गए अन्य अपराधों के बारे में जानकारी मिल सके।

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