
सूरत (योगेश मिश्रा) शहर के कपड़ा व्यापार में लगातार बढ़ती पेमेंट में देरी की समस्या को लेकर आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत ने व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यापारी का भुगतान 90 दिन से अधिक समय तक बकाया रहता है, तो संबंधित व्यापारी को आगे माल भेजने से बचना चाहिए। इस सलाह का उद्देश्य व्यापारियों की पूंजी को सुरक्षित रखना और कपड़ा कारोबार में भुगतान व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।
आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत की मासिक बैठक राजहंस इम्पीरिया के बोर्ड रूम में एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रहलाद जी अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पिछले कार्यों की समीक्षा के साथ कपड़ा व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। विशेष रूप से बाहर के व्यापारियों से भुगतान मिलने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में मौजूद एजेंटों और आढ़तियों ने इस विषय पर अपनी सहमति जताई।
बैठक में हाल ही में आयोजित सूरत टेक्सटाइल एग्जीबिशन की सफलता पर भी चर्चा हुई। एसोसिएशन के अनुसार, इस प्रदर्शनी में देशभर से 23,000 से अधिक व्यापारी शामिल हुए और 800 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हुआ। सूरत में पहली बार इस स्तर पर आयोजित इस प्रदर्शनी को कपड़ा कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। इससे सूरत के टेक्सटाइल उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने के साथ व्यापारिक संपर्कों को भी बढ़ावा मिला।
व्यापारियों की पूंजी बचाने पर जोर, समय पर भुगतान को बताया जरूरी
एसोसिएशन की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि माल भेजने के बाद भुगतान समय पर नहीं मिलने से व्यापारियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित होती है। लंबे समय तक रकम फंसे रहने के कारण व्यापारियों को नए ऑर्डर पूरे करने, बाजार में भुगतान करने और कारोबार का संचालन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने सलाह दी कि यदि किसी पार्टी का भुगतान 90 दिन से अधिक समय तक बकाया है, तो उसकी भुगतान स्थिति की जांच किए बिना आगे माल भेजने से बचना चाहिए। एसोसिएशन का मानना है कि समय पर भुगतान और व्यापारिक अनुशासन बनाए रखना कपड़ा बाजार के हित में है।
बैठक में उपस्थित एजेंटों और आढ़तियों ने इस सलाह पर सहमति व्यक्त की। एसोसिएशन की इस पहल को व्यापारियों के बीच भुगतान संबंधी जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अब व्यापारियों के लिए जरूरी होगा कि वे उधार पर माल भेजते समय भुगतान की समयसीमा, बकाया रकम और संबंधित पार्टी की भुगतान क्षमता पर विशेष ध्यान दें।
सूरत का कपड़ा उद्योग देश के प्रमुख टेक्सटाइल कारोबार केंद्रों में शामिल है। ऐसे में भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना व्यापार की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है। आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत की बैठक में उठाया गया यह मुद्दा स्पष्ट करता है कि बड़े कारोबार के साथ-साथ समय पर भुगतान सुनिश्चित करना भी व्यापारिक व्यवस्था की अहम जरूरत है।



