सूरत (योगेश मिश्रा) गुजरात के वन एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने पांडेसरा स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का दौरा कर प्लांट की कार्यप्रणाली और औद्योगिक अपशिष्ट जल के ट्रीटमेंट की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पांडेसरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल विजय तुलस्यान, साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जीतेन्द्रकुमार वखारिया तथा कलर टैक्स के डायरेक्टर महेशभाई कबूतरवाला सहित उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने CETP में औद्योगिक अपशिष्ट जल के उपचार, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद पांडेसरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
उद्योग जगत की समस्याओं पर चर्चा
बैठक में टेक्सटाइल उद्योग, रीसाइक्लिंग सेक्टर, पर्यावरण अनुकूल तकनीक, कचरा प्रबंधन तथा औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। उद्योगपतियों ने अपनी समस्याओं, सुझावों और विभिन्न विषयों से संबंधित रिप्रेजेंटेशन मंत्री के समक्ष रखे।
टेक्नोलॉजी और हाई वैल्यू-एडेड प्रोडक्शन पर जोर
मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में गुजरात महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और हाई वैल्यू-एडेड प्रोडक्शन के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गुजरात की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में लगाए जा रहे 12 सेमीकंडक्टर प्लांट में से छह गुजरात में स्थापित किए जा रहे हैं।
टेक्सटाइल विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण जरूरी
मोढवाडिया ने कहा कि सूरत और दक्षिण गुजरात का टेक्सटाइल उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके साथ ही टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग के दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने CETP जैसे संस्थानों को औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय मानकों के बीच संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण बताया तथा उद्योगों से क्लीन प्रोडक्शन और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी पर जोर
मंत्री ने रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि कचरे से उपयोगी संसाधन तैयार करना, पानी का पुन: उपयोग करना और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने से पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।बैठक में उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने, क्लीन प्रोडक्शन को बढ़ावा देने तथा उद्योगों को उपलब्ध सुविधाओं और संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।



