
सूरत (योगेश मिश्रा) जिले के ओलपाड तालुका के अटोदरा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्लासिक सीलिंग फैक्ट्री पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान फॉल्स सीलिंग में इस्तेमाल होने वाले जिप्सम बोर्ड की गुणवत्ता और उनके मानकों को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।मिली जानकारी के अनुसार, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और व्यावसायिक इमारतों में फॉल्स सीलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले मटेरियल की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद BIS की टीम ने जांच की। जांच के दौरान आरोप है कि फैक्ट्री में BIS प्रमाणपत्र और ISI मार्क के बिना ही लेमिनेटेड जिप्सम बोर्ड का कारोबार किया जा रहा था।कार्रवाई के दौरान BIS अधिकारियों ने मौके से कम गुणवत्ता वाले 302 जिप्सम बोर्ड जब्त किए। बताया जा रहा है कि इन बोर्डों को बाजार में फॉल्स सीलिंग के काम में इस्तेमाल के लिए बेचा जा रहा था।
भवन निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद निर्माण क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। घरों, कार्यालयों, शोरूम और व्यावसायिक इमारतों में फॉल्स सीलिंग के लिए जिप्सम बोर्ड का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग करना बेहद जरूरी है। BIS की इस कार्रवाई से उन कारोबारियों में भी हलचल मच सकती है, जो बिना आवश्यक गुणवत्ता प्रमाणन के निर्माण सामग्री का कारोबार कर रहे हैं। फिलहाल जब्त किए गए 302 बोर्ड और फैक्ट्री में मिली सामग्री के संबंध में आगे की जांच एवं विभागीय कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।



