
सूरत (योगेश बी. मिश्रा) सूरत सहित पूरे गुजरात के टेक्सटाइल मार्केट में व्यापारियों के साथ होने वाली धोखाधड़ी और करोड़ों रुपये का कपड़ा लेकर फरार हो जाने वाले कथित ठग व्यापारियों के मामलों को लेकर अब व्यापारिक संगठनों ने सख्त कदम उठाने की मांग तेज कर दी है। सूरत के व्यापारिक संगठन सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने इस समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री के समक्ष विशेष कानून लागू करने की मांग रखी है। चैंबर की ओर से कहा गया है कि कई मामलों में कथित ठग व्यापारी पहले बाजार में विश्वास कायम करते हैं। शुरुआत में छोटे-छोटे व्यापारिक सौदे करके समय पर भुगतान किया जाता है। इसके बाद जब बाजार में उनकी साख बन जाती है, तब बड़े पैमाने पर करोड़ों रुपये का कपड़ा उधार में खरीद लिया जाता है। माल प्राप्त करने के बाद ऐसे लोग अचानक दुकान बंद कर देते हैं और रातोंरात फरार हो जाते हैं। इससे कपड़ा व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।SGCCI के अनुसार, ऐसे मामलों में सामान्य धोखाधड़ी की धाराओं के तहत कार्रवाई होने से आरोपी आसानी से जमानत प्राप्त कर लेते हैं और बाद में नए नाम से फर्म खोलकर फिर से व्यापारियों को निशाना बनाते हैं। चैंबर का मानना है कि योजनाबद्ध तरीके से बार-बार आर्थिक धोखाधड़ी करने वाली संगठित टोलियों के खिलाफ गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गेनाइज्ड क्राइम (GUJCTOC) कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की संभावना पर विचार किया जाना चाहिए। चैंबर ने अपनी मांग में GUJCTOC कानून की धारा 2(1)(d) और 2(1)(e) का उल्लेख करते हुए कहा है कि संगठित आर्थिक अपराधों की पहचान करके उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए राज्य के सभी पुलिस कमिश्नरों और जिला पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है, ताकि सामान्य व्यापारिक विवाद और संगठित आर्थिक अपराध के बीच अंतर समझकर उचित कार्रवाई हो सके। इस समस्या का असर केवल कपड़ा खरीदने और बेचने वाले व्यापारियों तक सीमित नहीं रहता। जब कोई व्यापारी करोड़ों रुपये का माल लेकर भुगतान किए बिना फरार हो जाता है, तो उसका नुकसान आगे की पूरी टेक्सटाइल सप्लाई चेन को उठाना पड़ता है। इसमें वीविंग मिल, प्रोसेसिंग यूनिट, ट्रांसपोर्टर, पैकिंग व्यवसाय से जुड़े लोग और छोटे-बड़े श्रमिक भी प्रभावित होते हैं। बाजार में पैसों का लेन-देन रुक जाता है और ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए SGCCI अध्यक्ष अशोक जीरावाला के नेतृत्व में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के समक्ष व्यक्तिगत रूप से विस्तृत ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की गई है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्षभाई संघवी के समक्ष भी इस विषय को उठाते हुए राज्य सरकार से जल्द परिपत्र जारी करने का अनुरोध किया गया है। अब बड़ा सवाल यह है कि सूरत सहित गुजरात के कपड़ा बाजार में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने वाली संगठित टोलियों पर सरकार और पुलिस प्रशासन कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है। यदि इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाते हैं तो हजारों कपड़ा व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।



